होम चर्चित विषय कोरोना काल -: बुरा वक्त हमे वो सीखा जाता है जो अच्छा...

कोरोना काल -: बुरा वक्त हमे वो सीखा जाता है जो अच्छा वक्त कभी नही सीखा सकता

कोरोना काल -: बुरा वक्त हमे वो सीखा जाता है जो अच्छा वक्त कभी नही सीखा सकता -: लेखन एवं संकलन मिलिन्द्र त्रिपाठी  

बुरा वक्त सबसे बड़ी किताब होती है । जो हमे वो सीखा जाता है जो अनेकों विश्वविद्यालय एवं स्कूल नही सीखा सकते । बुरे वक्त में ही हमे असल मे पता चलता है कि हमारी ताकत क्या है और कौन लोग है जो केवल हमारे अच्छे वक्त में ही दोस्त बनकर दिखावा करते है । लेकिन इस बुरे वक्त में हम हमारी कमजोरी को ताकत बनाकर फिर से धमाकेदार इंट्री कर सकते है । असली फाइटर वो होता है जो अनेक बार गिरकर फिर उठ जाए ओर दुश्मन को गिरा दें ।

यह दुनिया उसी व्यक्ति को विजेता मानती है जो संघर्ष करके विजय होता है परोसी थाली को तो कोई भी खा सकता है । लेकिन बड़ी बात है अपनी थाली खुद तैयार करके खाना । कोरोना काल मे दुनिया भर में करोड़ो लोग प्रभावित हुए है । बिजनेस ,नौकरी हर क्षेत्र में संकट का दौर है । कोई भी क्षेत्र इस समय कोरोना की मार से नही बचा है । अनेकों लोगो ने अपने प्रियजनों को खोया है तो अनेकों लोग अभी भी जीवन मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहें है । जिस किसी व्यक्ति ने इस वायरस को हल्के में लिया वो सब इसकी मार झेल रहे है । लेकिन इस दौर में सब बुरा ही बुरा हुआ हो ऐसा नही है ।

इस दौर ने हमे सिखाया की विपरीत परिस्थितियों में कैसे काम को किया जाता है । जैसे ऑनलाइन क्लास ,ऑनलाइन मीटिंग ,वर्क फ्रॉम होम ,ऑनलाइन बिजनेस आदि जो लोग कभी भी ऑनलाइन वीडियो कॉल नही चलाते थे । वे सब भी इस दौर में वीडियो कॉल के जरिये बात करना सीख गए । वाट्स एप ग्रुप के माध्यम से कैसे बिजनेस को बढ़ाया जा सकता है ।सोशल मीडिया का बिजनेस में प्रयोग हर व्यक्ति सिख गया । अनेको महिलाओं ने भी फैशन सामग्री का ऑनलाइन बिजनेस प्रारंभ करके सफलता अर्जित की । इंसान अपने आप को बहुत ही सर्व शक्तिमान समझने लगा था ।

प्राकृतिक वस्तुओं का दोहन करने लगा था । वहीं एक सूक्ष्म  से जीव(वायरस) ने प्रकृति के सम्मुख हमें हमारी लघुता का परिचय करा दिया । न ही हम  तकनीकी रूप से उतने शक्तिशाली जिसका हमें बहुत अधिक गुमान था । एक छोटा सा वायरस हमे इतने महीनों से चुनोतियाँ दे रहा है और सर्व शक्तिमान समझने वाला मानव उसके इलाज के लिए दवा तक नही बना पाए रहा है । इस समय कोरोना वायरस (Coronavirus) के आगे आज पूरी दुनिया लाचार है । सब यही दुआ कर रहे हैं कि जल्द से जल्द बीमारी (Disease) दूर हो । आज पूरी दुनिया जब कोरोना (Coronavirus) से जूझ रही है ।

हाहाकार मचा हुआ है और बड़ी संख्या में लोग इस जंग में अपनी जान गंवा चुके हैं, तब मुझे सबसे पहले ‘हेल्थ इज़ वेल्थ’ कहावत याद आ रही है, और याद आ रही है ‘मानस’ की चौपाई की पंक्ति कि,


“धीरज धर्म मित्र अरु नारी,आपद काल परखिअहिं चारी ।”


भाव ये कि अपनों की पहचान विपत्ति के समय ही होती है। ऐसे में ये समस्या हमारे लिए मौका बनकर भी आई है, जब हम अपने हितैषियों की सही पहचान कर सकते हैं । आज के दौर में हमारी आमदनी का बड़ा हिस्सा दिखावे और बुरी लतों पर खर्च होता रहा है, जबकि इन्हीं के चलते पूरी दुनिया अनेकों तरह की समस्याओं से जूझ रही है । ऐसे में जो एक बड़ा निष्कर्ष हमने पाया है, वो ये है कि खुशी में वे लोग हैं, जिनकी जरूरतें कम हैं ।इन कठिनाइयों के चलते ही नई पीढ़ी और बच्चों को ये समझ आया है कि खाना बाजार से नहीं, खेतों से आता है । बाज़ार में खाना बिकता है, पैदा नहीं होता ।

ओर जो अनाज पैदा करता है उस किसान को उतना सम्मान नही मिलता है । जिसका वो हकदार है । कोरोना के बाद की सभ्यता मनुष्य के लालच ,भोग विलासता और लोलुपता की नहीं, जियो और जीने दो की सभ्यता होनी चाहिए। पराश्रितता और परजीविता की सभ्यता न होकर स्वाश्रितता और पारस्परिकता की सभ्यता होगी।  मानव के स्वाभिमान और मानवता के कल्याण की सभ्यता होगी। तो ही विवेकानंद जी ने विश्व कल्याण का जो मार्ग बताया था वो सफल होगा । 


लेखन एवं संकलन मिलिन्द्र त्रिपाठी

milindrahttps://jansarkarnews.com
योगाचार्य पं.मिलिन्द्र त्रिपाठी उज्जैन मध्यप्रदेश शिक्षा -: एमएससी योग थैरेपी, पीजी डिप्लोमा योग दर्शन ,एम. ए पत्रकारिता , एल.एल.बी ,एम एस डब्लू ,बी.सी.ए पद – सचिव उज्जैन योग संघ संस्थापक उज्जैन योगा इंस्टीट्यूट संपर्क 9977383800 ,9098369093

Leave a Reply

Most Popular

उज्जैन कुलपति ने खुद ली विद्यार्थियों की क्लास शिक्षक के तौर पर कुलपति को पाकर चौक उठे विद्यार्थी

कुलपति चैंबर छोड़ अचानक क्लास लेने पहुंचे विक्रम विश्व विद्यालय के कुलपति -: कुलपति ने खुद ली विद्यार्थियों की...

उज्जैन योग संघ द्वारा आयोजित योग कॉन्फ्रेंस में बड़ी संख्या में शामिल हुए योगाचार्य

उज्जैन योग संघ द्वारा आयोजित योग कॉन्फ्रेंस में बड़ी संख्या में शामिल हुए योगाचार्य -:

म.प्र. के अनेक विश्वविद्यालय में योग शिक्षा के नाम पर हो रही धांधली राज्यपाल से उच्च स्तरीय जांच की मांग

म.प्र. के अनेक विश्वविद्यालय में योग शिक्षा के नाम पर हो रही धांधली राज्यपाल से उच्च स्तरीय जांच की मांग -:

उज्जैन योग संघ की नवीन कार्यकारणी घोषित

उज्जैन योग संघ की नवीन कार्यकारणी घोषित -: मध्यप्रदेश शासन से मान्यता प्राप्त उज्जैन में योग की सबसे बड़ी...

Recent Comments