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महाकाल मंदिर प्रसाद पैकेट में थूकने वाले पप्पू “खान” पर प्रतिबंध की मांग

महाकाल मंदिर प्रसाद पैकेट में थूकने वाले पप्पू “खान” पर प्रतिबंध की मांग -:

लेखन एवं संकलन डॉ.मिलिन्द्र त्रिपाठी

बेगमबाग उज्जैन में पत्थरबाजों पर हुई कार्यवाही के बाद एक ओर मामला प्रकाश में आया है जिसके खिलाफ भी जल्द से जल्द सख्त कार्यवाही की मांग उज्जैन प्रशासन एवं महाकाल मंदिर प्रशासन से की गई है । पूरे देश ही नही विदेश में भी बाबा महाकाल के भक्तों की संख्या करोड़ो में है ।

बड़े बड़े नेता अभिनेता बाबा महाकाल के प्रसाद को पाकर स्वयं को धन्य मानते है । उज्जैन का नागरिक यदि किसी परिचित के निवास पर जाता है तो परिचित डिमांड करता है कि प्लीज महाकाल का प्रसाद लेते आना ।

लेकिन महामंडलेश्वर आचार्य शेखर जी द्वारा जब यह खुलासा किया गया कि मंदिर प्रसाद के पैकेट निर्माण का काम पप्पू खान की फर्म के पास है । जो कि प्रसाद पैकेट में थूककर बाबा महाकाल के भक्तों का धर्म भष्ट्र करने का कार्य जानबूझकर करता है ।

तब से महाकाल के भक्तों में बहुत आक्रोश है । हमारे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पप्पू “खान” स्वयं भी पत्थरबाजी मे माहिर है स्वयं वो ओर उसका परिवार इस कार्य मे शामिल रहता है । अभी कुछ दिनों से महाकाल मंदिर के प्रसाद के पैकेट जिस व्यक्ति द्वारा बनाए जाते हैं, उसको लेकर अनेक लोगो ने भी अपनी अपत्ति दर्ज की है।

हाल ही में महाकाल प्रबंध समिति की बैठक में जागरूक मंदिर समिति सदस्यों ने पैकेट निर्माण में शुद्धता का ध्यान रखने तथा स्थल निरीक्षण करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। महमंडलेश्वर आचार्यशेखर जी ने ठेके पर आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे निरस्त करने की मांग की है।


भक्तों को बाबा का प्रसाद आसानी से प्राप्त हो जाये इस लिए महाकाल मंदिर समिति द्वार परिसर स्थित काउंटरों से लड्डू प्रसाद का विक्रय किया जाता है। जहां से नियमित बड़ी मात्रा में प्रसाद का विक्रय किया जाता है । बाहर से आने वाले भक्त तो बड़ी मात्रा में प्रसाद के पैकेट अपने रिश्तेदारों के लिए भी लेकर जाते है ।


नियमानुसार प्रतिवर्ष लड्डू तथा पैकेट निर्माण के लिए ठेका देना होता है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन एवं पारदर्शी होना चाहिए । महाकाल मंदिर के स्टोर विभाग द्वारा प्रतिवर्ष प्रबंध समिति की बैठक में इसका प्रस्ताव रखने की रस्म अदायगी भी की जाती है। लेकिन ठेका अपने चेहतो को दे दिया जाता है ।

कभी कोई निर्माण स्थल पर जाकर नही देखता की वहां क्या किया जा रहा है ? कितनी गन्दगी से यह कार्य किया जा रहा है । सालो से यह ठेका 2 चेहतो के बीच ही दिया जाता है । इस तरह सिर्फ 2 ही लोगो को किसके इशारे पर ठेका मिलता है इसकी जांच जरूर होना चाहिए ?

महामंडलेश्वर आचार्य शेखर जी ने मंदिर समिति को अल्टीमेटम दिया है कि जल्द से जल्द इस व्यवस्था में सुधार किया जाए अन्यथा जनजागरण द्वारा अपने अनुयायियों के साथ मिलकर वे ऐसे पैकेट प्रतिबंधित कराएंगे ।

इस विषय मे आज महाकाल मंदिर के प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष जानना चाहा लेकिन उन्होंने इसकी टोपी उसके सर करते हुए जवाब देने से स्वयं को बचा लिया । देखना यह है कि कितनी जल्द इस ठेकेदार के ठेके को निरस्त किया जाएगा ?

(यह लेख प्रबुद्ध वर्ग एवं जनता द्वारा दी गयी जानकारी पर आधारित है ।)

लेखन एवं संकलन डॉ.मिलिन्द्र त्रिपाठी

milindrahttps://jansarkarnews.com
योगाचार्य पं.मिलिन्द्र त्रिपाठी उज्जैन मध्यप्रदेश शिक्षा -: एमएससी योग थैरेपी, पीजी डिप्लोमा योग दर्शन ,एम. ए पत्रकारिता , एल.एल.बी ,एम एस डब्लू ,बी.सी.ए पद – सचिव उज्जैन योग संघ संस्थापक उज्जैन योगा इंस्टीट्यूट संपर्क 9977383800 ,9098369093

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