शुभम खंडेलवाल का हत्यारा संजय खुजनेरी फरार – खुलासा पार्ट -2

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ujjain nagar nigam
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खुजनेरी ने भोपाल में साली के नाम से लिया था 1 करोड़ 50 लाख का प्लाट
शुभम खंडेलवाल का हत्यारा संजय खुजनेरी फरार खुलासा पार्ट -2 खुजनेरी ने भोपाल में साली के नाम से लिया था 1 करोड़ 50 लाख का प्लाट लेखन एवं संकलन मिलिन्द्र त्रिपाठी  शुभम खंडेलवाल का हत्यारा संजय खुजनेरी आखिरकार प्रशासन की ढुल मूल कार्यवाही का फायदा उठाकर परिवार सहित भाग गया । हत्या में शामिल नगर निगम उज्जैन के 2 उपयंत्री फरार ।उज्जैन के नागरिक यही सोच रहे है कि आखिर प्रशासन इनके घरों पर क्यो नही बुलडोजर चलवा रहा है ? छोटे अपराधियों को पकड़कर अपनी पीठ थपथपाने वाले आला अधिकारी आज चुप्पी साधे बैठे है ? 1000 स्केवयर फिट के घर के बाहर 500 स्केवयर फिट तक कब्जा करने वाले संजय खुजनेरी (इंद्रानगर )आज परिवार सहित घर पर 2 ताले डाल कर फरार है ।

पुलिस को चाहिए कि घर के हर कोने की तलाशी लेकर अवैध कमाई के स्त्रोतों का पता लगाया जाए । उज्जैन नगर निगम के ठेकेदार शुभम खंडेलवाल की मौत के मामले में शुक्रवार को चिंतामन पुलिस ने नगर निगम के उपयंत्री नरेश जैन, संजय खुजनेरी और एक अन्य (संभवत जिसका की नाम चीनू बताया जा रहा है ) के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा 306 व 34 के तहत केस दर्ज किया है। लेकिन गिरफ्तारी नही की गई थी जिसका फायदा उठाकर दोनो उपयंत्री फरार हो गए है ।   

खुलासा – सिहंस्थ के समय संजय खुजनेरी ने अपनी साली के नाम भोपाल में 1 करोड़ 50 लाख का प्लाट लिया था ।
काली कमाई को ठिकाने लगाने में साली के नाम का उपयोग किया गया । कल यह जानकारी हमारी मुहिम को देखकर एक आम नागरिक ने जो कि खजुनेरी से बेहद करीब से जुड़े है ने फोन करके हमे प्रदान की जिसके बाद यह पक्का है कि काली कमाई के बड़े सौदागर यह 2 उपयंत्री पर यदि जांच की जाए तो इनके पास से भारी मात्रा में काली कमाई जब्त की जा सकती है । पुलिस ने गिरफ्तारी करने में ढील दे दी जिसका फायदा उठाकर संजय खुजनेरी परिवार सहित भाग गया । क्योकि उपयंत्रियों को पता था कि उनके नही मिलने पर परिवार को पुलिस उठा ले जाएगी इसलिए दोनो उपयंत्री परिवार सहित भाग गए है । तो क्यो न इनके मकान को तोड़ दिया जाये ? जनता की यही मांग है इनके मकान के समान को राजसात करके गरीबों में बांट दिया जाए और इनके मकानों पर बुलडोजर चला दिया जाए ।     

गलत एफआईआर खुजनेरी के कहने से किसने दर्ज की उस पर अब तक कार्यवाही क्यो नही ? -: 
शुभम खंडेलवाल की आत्महत्या के लगभग 2 दिन पूर्व ही दोनो उपयंत्रीयों ने शुभम पर मानसिक दवाब बनाने के लिए झूठी एफआईआर दर्ज की थी । खुजनेरी ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि शुभम खंडेलवाल ने पत्थर मारकर घर की खिड़की का कांच फोड़ दिया तथा गालियां दी। उसने जान से मारने की धमकी भी दी। खुजनेरी ने पुलिस को बताया शुभम ने निर्माण कार्य का बिल पास करने के लिए यह हमला किया है। जैन ने भी एफआईआर में शुभम पर इसी तरह का आरोप लगाया तथा खिड़की का कांच फोड़ने तथा गालियां देने की बात बताई। लेकिन न तो इन दोनों ने कोई फुटेज दिए थे न इन दोनों की ओर से कोई गवाह सामने आया था । फिर क्यो पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कर ली गयी । जबकि पुलिस पहले आवेदन लेती है फिर जांच करती है । बिना जांच के एफआईआर दर्ज करने के पीछे क्या कारण था ?एफआईआर दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारी से पूछताछ क्यो नही की जा रही है ?   

 सबूत मिटाने में लगे दोनो उपयंत्री –: विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हाथो हाथ गिरफ्तारी नही होने से दोनो भष्ट्राचार में लिप्त उपयंत्रीयों को सबूत मिटाने का अवसर हाथ लग गया । पेमेंट की पेंडिंग फाइलें गायब करवा दी गयी है । ताकि किसी भी जांच में यह दोनों बचने में कामयाब हो जाये । यह भी बताया गया है कि बिना रिश्वत के यह दोनों उपयंत्री कोई काम को हाथ तक नही लगाते है ।   

(वर्णित सभी बातें नागरिकों द्वारा मेरे मोबाइल नम्बर 9977383800 पर फोन कर मुझे बताई गई है । आपके पास भी कोई महत्वपूर्ण जानकारी हो तो तत्काल संपर्क करें । आपका नाम गुप्त रखा जाएगा । आपका सहयोग एक परिवार को न्याय दिला पायेगा । शुभम खंडेलवाल के कातिलों को सजा दिलाकर ही उनकी आत्मा को शांति दी जा सकती है । भष्ट्र तंत्र पर करारी चोट करने का समय है ताकि किसी ओर परिवार को अपने सदस्य से हाथ न धोना पड़े । )   लेखन एवं संकलन मिलिन्द्र त्रिपाठी     

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