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दूल्हे से उठक बैठक लगवाना आमानवीय कृत्य उज्जैन की जनता ने उठाई आवाज

दूल्हे से उठक बैठक लगवाना आमानवीय कृत्य उज्जैन की जनता ने उठाई आवाज हिन्दू धर्म मे दूल्हे को भगवान का स्वरूप माना गया है -:

यदि कोई मास्क नही लगाए तो उस पर पुलिस या प्रशासन की कार्यवाही का हम समर्थन करते है

लेकिन इस कार्यवाही में किसी भी तरह की असंवेदनशीलता तथा आमानवीयता सभ्य समाज मे स्वीकार करने योग्य नही है । हिन्दू धर्म में शास्त्र अनुसार ओर धार्मिक मान्यताओं एवं परम्पराओ के पालनार्थ शादी में अनेक रीतिरिवाज और परंपराएं निभाए जाने का प्रचलन है।

हिंदू धर्म में विवाह को सोलह संस्कारों में से एक संस्कार माना गया है। जब कोई दूल्हा बनता है तो हर कोई उसे मान सम्मान देता है । दूल्हे को राजा की तरह माना जाता है ।

हमारे शास्त्रों में कहां जाता है कि
अगर हम जा रहें हो और रास्ते में किसी दूल्हे की बारात दिख जाए, यानि जिस व्यक्ति का विवाह होने जा रहा हो और वह आपके रास्ते में आ जाए तो पहले उसे ही आगे निकलने दें।

शास्त्रों के अनुसार दूल्हा बना व्यक्ति भगवान शिव का स्वरूप माना गया है। दूल्हा जैसे ही बारात लेकर निकलता है

तो आसपास के क्षेत्र में रहने वाले परिचित ,अपरिचित सभी पुष्पमाला पहनाकर एवं मुहं मिठा कराकर उसका सम्मान करते है । परिवार के सदस्यों के लिए तो यह गौरवशाली क्षण होता है ।

अब आप सोचिये ऐसे में कोई प्रशासनिक अधिकारी आ जाये और दूल्हे को बेइज्जत करके सबके सामने उठक बैठक लगवा दे तो जीवन भर उस दूल्हे के मन मे कितनी बड़ी फांस चुभ जाएगी ।

क्या वो कोई आतंकवादी है ? क्या वो अपराधी है ? जो उसके साथ उन्हेल में प्रशासन द्वारा ऐसा सलूक किया गया ? उसका कसूर सिर्फ इतना था कि उसने मास्क नही पहना था ।

चलिए हम इसे बड़ी गलती मान लेते है आप इस गलती पर उसे 1000 रु का चालान काट कर सजा दे सकते थे लेकिन पद के घमंड में आपने एक परिवार की इज्जत नीलाम करवा दी ?

जीवन भर जिस पल का सपना उसके माता पिता ने देखा था आपने उस पल में कालिख पोत दी ? बचपन से मां ने सोचा था कि मेरा बेटा दूल्हा बनेगा जब कितना सुंदर नजर आएगा

आपने सबके सामने उठक बैठक लगवाकर उस माँ के सपने को तहस नहस कर दिया ।

क्या है पूरा मामला -:

3 दिन पूर्व उज्जैन जिले के उन्हेल में बिना मास्क घूम रहे लोगों पर चालानी कार्रवाई की जा रही थी । इसी दौरान एक दूल्हे को नया बस स्टैंड पर जाते हुए अपर तहसीलदार अनु जैन द्वारा देखा गया ।

तत्काल उन्होंने दूल्हे को बीच बाजार रुकवा लिया । पहले तो उस विनम्र आम आदमी पर रौब झाड़ा गया इसके बाद उसको एक मास्क दिया गया फिर सबके सामने उससे उठक बैठक लगवाई गयी ।

इतने से मन नही भरा तो कुछ लोगो ने उसका फोटो और वीडीयो बनाकर वायरल कर दिया । जिस पर टैग लिखा गया उठक बैठक लगाता हुआ दूल्हा ।

असंवेदनशील अनु जैन के खिलाफ जागरूक जनता ने उठाई आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला -:

सोशल मीडीया पर जनता द्वारा दूल्हे के समर्थन में मुहिम चलाई गई जिसका समर्थन जनता द्वारा जोर शोर से किया जा रहा है । मामले के वायरल होते ही मामले ने अब तूल पकड़ लिया है ।

दूल्हा तो अपमान का घुट पीकर रह गया लेकिन जनता को यह अपमान रास नही आया । जनता की कठोर टिप्पणी ओर पोस्ट से प्रशासनिक महकमे में हलचल बड़ गयी है ।

इस बीच अनेक लोग उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ जी के ट्वीट को शेयर करते हुए इस मामले को जोड़ रहें है

“शादी विवाह के लिए पुलिस या प्रशासनिक अनुमति की कोई आवश्यकता नहीं है।

अगर कहीं से भी पुलिस के दुर्व्यवहार की शिकायत आई तो अफसरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और जवाबदेही भी तय होगी: मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath जी “

उक्त मामले से जुड़ी जनता द्वारा की गई प्रमुख पोस्ट एवं टिप्पणी -:

गौरव धाकड़ जी ने ट्विटर और फेसबुक पर इस मामले को उठाते हुए लिखा

” #ujjain जिले के #उन्हेल में हुई इस अमानवीय हरकत का मैं कड़ा प्रतिकार करता हूँ ।
तहसिलदारणी साहबा पोस्टिंग के लिए मोटी रकम देकर आपकी मोटी चमड़ी में छिपा मोटा दिमाग कम से कम एथिक्स या मानवता न भूले ।

शासन तुरन्त संज्ञान लें इन्पर कार्यवाही करें । प्रशासन की मर्दानगी भी सनातनी आयोजनों पर ही क्यों ? इसपर जिम्मेदार कुछ बोलें भी ।”

सुनील सिंह भदौरिया जी ने इसे अनेक फेसबुक ग्रुप में इस मामले को उठाते हुए लिखा कि

“आज दोपहर 1.35,, उन्हेल मे नये दूल्हे का स्वागत पान पराग से नही बल्कि उठक बेठक लगाकर किया गया,,हुआ यूं की दूल्हे राजा मास्क नही लगाये थे

जो शायद अपर तहसीलदार मैडम को रास नही आया,,,तो कान पकड़ा कर थोड़ा व्यायाम करवाया गया,,खेर वक़्त का तकाजा हे,,पर गलत हे”

ईश्वर चोपड़ा जी लिखते है

“जिस खूबसूरत पल का एक इंसान ज़िन्दगी भर इंतजार करता है और फिर ये सब करना पड़े तो मन कुंठित हो जाता हैं…
मर्यादा को ताक पर रख दिया है”😠

रोहित मिश्रा -:

उन्हेल में दूल्हे को मास्क न लगाने की वजह से जिम्मेवारो ने कान पकड़कर उठक बैठक लगवाई उसके समस्त परिवार जन के सामने…..

यही जिम्मेवार राजनीतिक रसूख के दबाव में…सैकड़ो चुनावी सभाओं में महामारी के प्रोटोकाल की धज्जियां बिखेरते नेताओं…के सामने दुम दबाकर खड़े रहें हैं..

लोकतंत्र की अवधारणा , जनता का, जनता के लिए, जनता के द्वारा…..का मतलब यही है..आप जनता हो इसलिए आपका कटेगा..वो नेता है उसका नही..

संविधान एडॉप्टेशन दिवस की शुभकामना

विक्रम सिंह दरबार

“इस घटना क्रम से बड़ा दुखी हूं ।वास्तविक में कोई भी सरकार हो मुझे कोई वास्ता नहीं है ।

मगर क्या सारी कानून व्यवस्था सरकारी आदेश कोरोना वायरस एक दूल्हे की बेज्जती करने से करोना वायरस खत्म हो जाएगा? या कानून व्यवस्था सुधर जाएगी?

इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता ।
जनता की इतनी ही चिंता है तहसीलदार महोदय को तो सत्ताधारीओ को और विपक्ष नेताओं को तो ऐसी हजारों व्यवस्था भंग हो रही है

उसमें से एक व्यवस्था में गिना रहा हूं । सबसे बड़ी समस्या और व्यवस्था भंग है तो उन्हें शासकीय हॉस्पिटल की ।क्यों यहां 24 घंटे डॉक्टर उपस्थित नहीं रहते हैं क्यों ?

गरीब आदमी को खून पसीने की कमाई से निजी वाहन करके बड़े-बड़े हॉस्पिटलों में जाना पड़ रहा है ।हमारे धर्म को दूल्हे को राजा और दूल्हे को भगवान समझा जाता है ।

तो राजा और भगवान का अपमान क्यों बड़ी गंभीर समस्या है । एक लाख जनसंख्या वाला या कस्बा आसपास ग्रामीण सहित एक लाख से पार जनता है ।

नेताओं भी भरपूर है मगर यह अपमान क्यों ? “

(उक्त लेख में जनता की प्रतिक्रिया शामिल है जिन्हें सोशल मीडिया से लिया गया है । )

लेखन एवं संकलन मिलिन्द्र त्रिपाठी

milindrahttps://jansarkarnews.com
योगाचार्य पं.मिलिन्द्र त्रिपाठी उज्जैन मध्यप्रदेश शिक्षा -: एमएससी योग थैरेपी, पीजी डिप्लोमा योग दर्शन ,एम. ए पत्रकारिता , एल.एल.बी ,एम एस डब्लू ,बी.सी.ए पद – सचिव उज्जैन योग संघ संस्थापक उज्जैन योगा इंस्टीट्यूट संपर्क 9977383800 ,9098369093

4 टिप्पणी

  1. ये अपरीपकव लोग अधिकारी बनकर समाज और जनता को जहरीला दंश मारतै है ऐसै लोगों को नोकरी से हटाना चाहिए जेसे राईट टू रिकाल होता हे राई टू रिकाल सर्वीस भी होना चाहिए जनता के द्वारा नोकरी से वापसी की मांग 80%जनता वापस उस शहर की नोकरी से अधिकारी को नोकरी से हटाने का अधिकार

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